शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
क्षेत्रपति स्तुति
नमो रुद्रायातताविने क्षेत्राणां पतये नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसंपत्ति रक्षण मंत्र
स्वरूपक्षेत्रपति रुद्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाए हुए और क्षेत्रों (भूमि/खेतों) के स्वामी रुद्र को नमन है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूमि, कृषि, और संपत्ति की रक्षा
विस्तृत लाभ
भूमि, कृषि, और संपत्ति की रक्षा 37।
जप काल
कृषि कार्य या भूमि पूजन के समय।
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