शिव मंत्र
ॐ निर्गुणाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो त्रिगुणमयी माया (सत्त्व, रज, तम) के गुणों से पूर्णतः परे हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
मायातीत अवस्था
सांसारिक आकर्षणों से निर्लिप्त रहकर जीवन जीने की कला
विस्तृत लाभ
मायातीत अवस्था; सांसारिक आकर्षणों से निर्लिप्त रहकर जीवन जीने की कला।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चण्ड्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विस्तीर्णेन्द्रियात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ भर्त्रे नमः
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम संतान बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8