शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ नियमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपअनुशासन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो प्रकृति और धर्म के नियमों के साक्षात् स्वरूप हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संयम
विस्तृत लाभ
संयम
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दिगम्बराय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ विराजे नमः।
ॐ कुमतिघ्न्यै नमः
ॐ ब्रह्मणस्पते त्वमस्य यन्ता सूक्तस्य बोधि तनयं च जिन्व । विश्वं तद्भद्रं यदवन्ति देवा बृहद्वदेम विदथे सुवीराः ॥
ॐ श्रीं क्लीं श्रीं नमः॥