शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ प्रजापतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रजापति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रजाओं के रक्षक और स्वामी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में सम्मान और उत्तरदायित्व का निर्वहन
विस्तृत लाभ
समाज में सम्मान और उत्तरदायित्व का निर्वहन।
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ॐ कुमारब्रह्मचारिणे नमः
ॐ पद्मनिलयायै नमः
ॐ दिव्याङ्गाय नमः।
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ विघ्नहर्त्रे नमः