शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ सामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपसंगीत-प्रेमी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें सामवेद के गान अत्यंत प्रिय हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला और संगीत में निपुणता
विस्तृत लाभ
कला और संगीत में निपुणता
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भैरवीनाथाय नमः।
ॐ क्षेत्राय नमः
या श्रद्धा धारणा मेधा वाग्देवी विधिवल्लभा। भक्तजिह्वाग्रसदना शमादिगुणदायिनी॥
ॐ दुर्गनाशिन्यै नमः
ॐ भावनाय नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।