शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ अनघाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपदोष-रहित
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त पापों और दोषों से मुक्त हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चारित्रिक पवित्रता
विस्तृत लाभ
चारित्रिक पवित्रता
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दामोदराय नमः
ॐ वल्लीवदनपद्मार्कय नमः
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः
ॐ महाकायाय नमः