शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
न च प्राणसंज्ञो न वै पंचवायुः... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
शरीर से विरक्ति
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विराधवधपण्डिताय नमः
ॐ जनेश्वराय नमः
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥