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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

त्र्यक्षरी मृत्युंजय बीज मंत्र

ॐ जूं सः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक बीज / संरक्षण मंत्र
स्वरूपरक्षक शिव (अमृतेश)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

ॐ (परब्रह्म), जूं (अमरता का बीज), सः (शक्ति का बीज)। यह शिव का ध्वन्यात्मक कवच है 21।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

बीमारी और भय के विरुद्ध एक अभेद्य कवच (Kavacha) का निर्माण

विस्तृत लाभ

बीमारी और भय के विरुद्ध एक अभेद्य कवच (Kavacha) का निर्माण 21।

जप काल

संकट के समय निरंतर मानसिक स्मरण।

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