ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

शिव मंत्र

ॐ अव्यग्राय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपशांत / अव्यग्र
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो अत्यंत स्थिर हैं, कभी व्याकुल नहीं होते 70।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अत्यंत विपरीत परिस्थिति में भी स्थिरता

विस्तृत लाभ

अत्यंत विपरीत परिस्थिति में भी स्थिरता

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