शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ सर्वगतायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सब जगह (सर्वत्र) व्याप्त रहने वाली
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रेणुकातनयाय नमः
ॐ सर्वस्वामिने नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्मानन्दामृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ शशिशेखराय नमः
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ सर्वग्रहविनाशिने नमः