शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ सर्ववेदान्तपारगाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सम्पूर्ण वेदान्त के पारंगत (परम ज्ञाता) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शास्त्रार्थ में विजय हेतु
विस्तृत लाभ
शास्त्रार्थ में विजय हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
घ्राणं पातु महालक्ष्मीः कण्ठं पातु सरस्वती। भुजौ तु पातु वरदा हृदय पातु सुन्दरी॥
ॐ गुहावासाय नमः
ॐ मणिभूषणायै नमः
प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ श्रीं ह्रीं चामुण्डायै नमः