शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपनी शरण में आए हुए सबसे बड़े पापी पर भी कृपालु होते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अहंकार त्याग कर भगवान के चरणों में पूर्ण शरणागति की अवस्था प्राप्त करना
विस्तृत लाभ
अहंकार त्याग कर भगवान के चरणों में पूर्ण शरणागति की अवस्था प्राप्त करना।
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