शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपदुख-हारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त कष्टों और पापों को हरने वाले हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पाप और दुखों का अंत
विस्तृत लाभ
पाप और दुखों का अंत
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दुर्गमज्ञानसंस्थानायै नमः
ॐ पद्महस्तायै नमः
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ कामविमोहनाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चन्द्रः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
जो माता एकवीरा (रेणुका का एक नाम) के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: माता की असीम कृपा) 19।