ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

शिव मंत्र

ॐ शुकवागमृताब्धीन्दवे नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपभागवत-प्रतिपाद्य
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

शुकदेव जी की वाणी रूपी अमृत-सागर के चन्द्रमा को नमस्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वाक्-सिद्धि एवं विद्या

विस्तृत लाभ

वाक्-सिद्धि एवं विद्या

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