तत्पुरुष मंत्र (पूर्व मुख)
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हम उस महान पुरुष को जानते हैं, उस महादेव का ध्यान करते हैं। वह रुद्र देव हमारी बुद्धि को सत्य मार्ग पर प्रेरित करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञान का आवरण हटना, आत्म-ज्ञान की प्राप्ति और प्राण वायु का संतुलन
विस्तृत लाभ
अज्ञान का आवरण हटना, आत्म-ज्ञान की प्राप्ति और प्राण वायु का संतुलन 21।
जप काल
पूर्व दिशा की ओर मुख करके।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अरोगकर्त्रे नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ शिवायै नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
ॐ काशीश्वरकृतामोदायै नमः
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥