शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विश्व के अभ्युदय एवं समृद्धि हेतु
विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥ 18
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति
विस्तृत लाभ
राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई। अलप काल विद्या सब आई॥
ॐ कारणार्चनहर्षितायै नमः
ॐ प्राणाय नमः
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु रक्तवर्णो विनायकः ॥
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।