ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

विश्व के अभ्युदय एवं समृद्धि हेतु

विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥ 18

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति

विस्तृत लाभ

राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति।

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