शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये साक्षान्मृत्युः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपसाक्षात् मृत्यु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं साक्षात् मृत्यु स्वरूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सदाधाराय नमः
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
ॐ वाग्मिने नमः
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
ॐ करमालानन्दकर्त्र्यै नमः