शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ अग्निजन्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअग्नि-संभव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अग्नि से उत्पन्न होने वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जठराग्नि व शारीरिक तेज की प्रखरता
विस्तृत लाभ
जठराग्नि व शारीरिक तेज की प्रखरता।
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ॐ वृन्दावनविहारिण्यै नमः
ॐ कराल्यै नमः
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ योगाय नमः
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ कृष्णपिङ्गाक्षाय हुं