शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ अक्षराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कभी क्षरण या नाश नहीं होता, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता
विस्तृत लाभ
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
उरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके। राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत्साधकः शतम्॥
ॐ कारणोपात्तदेहाय नमः
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
ॐ महामात्रे नमः
ॐ सत्यसन्धाय नमः
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥