शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ भोजनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भोजन (प्रसाद) के समान आनंददायक हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में कभी अन्न की कमी न होना
विस्तृत लाभ
जीवन में कभी अन्न की कमी न होना 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चक्रिणे नमः
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात् ॥
ॐ चामुण्डे जय जय वश्यकरि सर्व सत्त्वानामः स्वाहा
ॐ कुञ्जाधिराजमहिष्यै नमः
ॐ सहस्रास्यायै नमः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥