शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ भोजनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भोजन (प्रसाद) के समान आनंददायक हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में कभी अन्न की कमी न होना
विस्तृत लाभ
जीवन में कभी अन्न की कमी न होना 81
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तर मुखे। आदि वराहाय सकल संपत्कराय स्वाहा॥
ॐ रावणान्तकराय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ कुन्दकुसुमदन्तायै नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम गृह क्लेश निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।