शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
वराह गायत्री मंत्र
ॐ भूवराहाय विद्महे हिरण्याक्षहराय धीमहि तन्नो वराहः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभू-रक्षक वराह
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संपत्ति और भूमि से संबंधित विवादों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
संपत्ति और भूमि से संबंधित विवादों से मुक्ति 69।
जप काल
भूमि-पूजन के समय।
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