शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपनैष्ठिक ब्रह्मचारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने आजन्म अखंड ब्रह्मचर्य व्रत का कठोर पालन किया है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ब्रह्मचर्य
विस्तृत लाभ
ब्रह्मचर्य
जप काल
तप काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जामदग्न्यमहादर्पदलनाय नमः
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
नारिकेलानम्र कदली गुड पायस धारिणम् । शरच्चन्द्र वपुषं भजे भक्त गणपतिम् ॥
ॐ प्रभवाय नमः
ॐ जितमित्राय नमः।
ॐ कपालार्घ्यप्रियप्राणायै नमः