शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ चतुर्भुजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चार भुजाओं वाले पालनहार
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चहुँ ओर से ईश्वरीय शक्ति का संचार
विस्तृत लाभ
चहुँ ओर से ईश्वरीय शक्ति का संचार 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ शङ्करप्रियबान्धवाय नमः।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥
ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः
ॐ क्ष्रौम् भगवते नरसिंहाय नमः
यँ यँ हनुमते फल फक्रिया हौत धग् धग् आयुरस्व प ख हेति फट्॥