शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ दिव्यसिंहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदिव्य नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अलौकिक और दिव्य सिंह स्वरूप भगवान को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक के चेहरे पर आध्यात्मिक तेज और आभा-मंडल (Aura) में वृद्धि
विस्तृत लाभ
साधक के चेहरे पर आध्यात्मिक तेज और आभा-मंडल (Aura) में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनेकनेत्राय नमः।
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ मायाश्रयाय नमः
जो अदम्य साहस वाले परम वीर हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: साहस और निर्भयता) 19।
ॐ दुर्गम्यायै नमः