षण्मुख कवचम्
इरचेवि हलयुम सेव्वाळ इयलपुडन काक्क वायकै
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
भगवान अपने वेल् (भाले) से मेरे दोनों कानों और मुख की स्वभाविक रूप से रक्षा करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
मुख और कानों से संबंधित व्याधियों का शमन
विस्तृत लाभ
मुख और कानों से संबंधित व्याधियों का शमन।
जप काल
कवच के अंग-न्यास रूप में।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ लोककृते नमः
ॐ शुभाङ्गाय नमः
ॐ पापकालाय नमः।
ॐ कमलजायै नमः
ॐ वृषभानुसुतायै नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।