शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ कपालपात्रसन्तुष्टायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कपाल रूपी पात्र में दिए गए 'कारण' (भोग) से संतुष्ट होने वाली।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनादये नमः
ॐ महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीलक्ष्मीः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8