शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारद्वादशाक्षरी महामंत्र / मुक्ति मंत्र
स्वरूपवासुदेव / सर्वव्यापी कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं भगवान वासुदेव (जो सभी जीवों के हृदय में वास करते हैं) को प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति, नकारात्मक कर्मों का क्षय और आध्यात्मिक जागृति
विस्तृत लाभ
जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति, नकारात्मक कर्मों का क्षय और आध्यात्मिक जागृति 25।
जप काल
नित्य साधना, विशेषकर एकादशी और गुरुवार को।
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ॐ रुद्राय नमः
नमो हिरण्यबाहवे सेनान्ये दिशां च पतये नमः।
ॐ सर्वराजगृहेस्थितायै नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8