शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ पद्मनाभाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपद्मनाभ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्षीर सागर में शांत शयन करने वाले को नमन।
जप काल
शयन (Sleep) के समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ घनश्यामाय नमः
ॐ साधकप्रियकारिण्यै नमः
ॐ सर्वेश्वराय नमः
ॐ रामचन्द्राय नमः
मया सो अन्नमत्ति यो विपश्यति यः प्राणिति य ईं शृणोत्युक्तम्। अमन्तवो मां त उप क्षियन्ति श्रुधि श्रुत श्रद्धिवं ते वदामि॥