ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्री विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपसर्वव्यापी विष्णु
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम भगवान नारायण को जानते हैं, वासुदेव का ध्यान करते हैं; वे भगवान विष्णु हमारी बुद्धि को प्रकाशित करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्पष्ट सोच, अज्ञान का नाश, और परम शांति की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

स्पष्ट सोच, अज्ञान का नाश, और परम शांति की प्राप्ति 25।

जप काल

प्रातः संधिकाल में सूर्य की ओर मुख करके।

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