शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ वनमालिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पंचतत्वमयी वैजयंती माला धारण करने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रकृती से जुड़ाव और प्राकृतिक सौन्दर्य
विस्तृत लाभ
प्रकृती से जुड़ाव और प्राकृतिक सौन्दर्य 23
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
ॐ तारिकायै नमः / ॐ ह्रीं
ॐ शमीगर्भाय नमः
सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु। भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु॥
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
ॐ चण्डकोपिने नमः