शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ पुरुषाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैखानस पंच-मूर्ति मंत्र
स्वरूपधर्म और जीवन-सिद्धांत स्वरूप (कौतुक बेर)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं जीवन के मूल सिद्धांत स्वरूप परम पुरुष को नमन करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में धर्म की स्थापना और शुद्ध चेतना की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
जीवन में धर्म की स्थापना और शुद्ध चेतना की प्राप्ति 38।
जप काल
वैखानस मंदिर परंपरा में नित्य अर्चना 38।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं संतान लक्ष्म्यै नमः।
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट् ॥
शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः । सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः ॥
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ दुष्टभूतनिषेविताय नमः।
ॐ त्रिकूटस्थायै नमः