शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कल्कि गायत्री मंत्र
ॐ अश्वारूढाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो कल्किः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकल्कि अवतार
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कलयुग के दोषों और मानसिक मलीनता का अंत
विस्तृत लाभ
कलयुग के दोषों और मानसिक मलीनता का अंत 68।
जप काल
युग-दोषों से मुक्ति हेतु।
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