ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

हयग्रीव गायत्री मंत्र

ॐ वागीश्वराय विद्महे हयग्रीवाय धीमहि तन्नो हयग्रीवः प्रचोदयात्।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

स्वरूपविद्या-स्वरूप हयग्रीव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम विद्या के स्वामी अश्वमुख भगवान हयग्रीव का ध्यान करते हैं; वे हमें ज्ञान से प्रकाशित करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्मरण शक्ति (Memory), एकाग्रता और समस्त विद्याओं की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

स्मरण शक्ति (Memory), एकाग्रता और समस्त विद्याओं की प्राप्ति 66।

जप काल

विद्यार्थियों द्वारा अध्ययन से पूर्व।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

हयग्रीव गायत्री मंत्र | Pauranik