ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्री राम गायत्री मंत्र

ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपमर्यादा पुरुषोत्तम राम
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम दशरथनंदन और सीतापति श्री राम का ध्यान करते हैं; वे भगवान राम हमारी बुद्धि को शुद्ध करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

आदर्श आचरण, पारिवारिक सुख और नैतिक मूल्यों की रक्षा

विस्तृत लाभ

आदर्श आचरण, पारिवारिक सुख और नैतिक मूल्यों की रक्षा 11।

जप काल

नित्य प्रातः काल।

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