शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
स्थलेषु मायावटुवामनोऽव्यात् त्रिविक्रमः खेऽवतु विश्वरूपः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनारायण कवच रक्षा-मंत्र
स्वरूपवामन / त्रिविक्रम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्थल पर मायावी ब्रह्मचारी वामन मेरी रक्षा करें, और आकाश में विश्वरूप त्रिविक्रम मेरी रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्थल (जमीन) और आकाश (वायु मार्ग) की यात्रा में दुर्घटनाओं से सुरक्षा
विस्तृत लाभ
स्थल (जमीन) और आकाश (वायु मार्ग) की यात्रा में दुर्घटनाओं से सुरक्षा 61।
जप काल
यात्रा आरंभ करते समय।
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