शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ निधिपतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अष्ट-निधियों (अणिमा, महिमा आदि) के एकछत्र स्वामी और प्रदाता।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सँ कम् रम् सँ रम् हुं फट् सहस्रार हुं फट्
ॐ गोकुलेन्द्राय नमः
व्रीहयश्च मे यवाश्च मे माषाश्च मे तिलाश्च मे...
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
ॐ महोदराय नमः