शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ नृसिंहो मे शिरः पातु लोकरक्षार्थसंभवः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसिर (मस्तिष्क) / रक्षक स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
लोकों की रक्षा के लिए प्रकट हुए नरसिंह मेरे सिर की रक्षा करें। (मानसिक आघात से रक्षा)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये साक्षान्मृत्युः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ वाग्मिने नमः
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ रघुनन्दनाय नमः
ॐ कृशोदर्यै नमः