शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु रक्तवर्णो विनायकः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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सभी बाधाओं का नाश और न्यायालयीन व अन्य कार्यों में विजय
विस्तृत लाभ
सभी बाधाओं का नाश और न्यायालयीन व अन्य कार्यों में विजय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ महाबलाय नमः
ॐ श्री राधावल्लभाय नमः
ॐ अनघास्त्राय नमः
ॐ कलमञ्जीरचरणायै नमः