शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ऋतं सत्यं परं ब्रह्म पुरुषं कृष्णपिङ्गलम्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपरम सत्य मंत्र
स्वरूपकृष्ण-पिंगल स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं उस परम सत्य, परब्रह्म, नीले और पीले वर्ण वाले सर्वव्यापी पुरुष को बारंबार प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सत्य की अनुभूति, मानसिक दृढ़ता और मोक्ष की ओर अग्रसर होना
विस्तृत लाभ
सत्य की अनुभूति, मानसिक दृढ़ता और मोक्ष की ओर अग्रसर होना 31।
जप काल
प्रातः काल स्तुति के समय।
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