शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ शर्वरीप्रियकारकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरासेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
रात्रि (शर्वरी- रासलीला) को प्रिय बनाने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रात्रि के भयों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
रात्रि के भयों से मुक्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करवालपरायणायै नमः
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो अघोरघोरेतरेभ्यः। सर्वतः शर्वः सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्र रूपेभ्यः॥
ॐ कालशमनाय नमः।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीलक्ष्मीः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ मायायै नमः