शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
प्रलय के समय समस्त जगत के संहारक
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आंतरिक और बाहरी शत्रुओं का नाश
विस्तृत लाभ
आंतरिक और बाहरी शत्रुओं का नाश 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कैलासवासिने नमः
ॐ पश्चिमे पातु सर्वेशो दिशि मे सर्वतोमुखः
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ पुण्यवर्धनाय नमः
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥ 42
ॐ शार्ङ्गिण्यै नमः