शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रोत्र रक्षा मन्त्र
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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