ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नीलांजना सरस्वती मन्त्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नीलांजना समाभास्वरूपिणी। या स्वाहा

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक ध्यान मन्त्र
स्वरूपनीलांजना (नीले वर्ण वाली ज्ञान देवी)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

नीले अंजन के समान आभा वाली, प्रज्ञा और ऐश्वर्य स्वरूपा देवी सरस्वती को आहुति (समर्पण)।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

रचनात्मकता (Creativity), गहरी एकाग्रता और कलात्मकता का विकास

विस्तृत लाभ

रचनात्मकता (Creativity), गहरी एकाग्रता और कलात्मकता का विकास।

जप काल

कला या संगीत-साधना आरंभ करने से पूर्व।

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