ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
ॐ, श्री राधा और श्री कृष्ण दोनों को सम्मिलित रूप से मेरा नमस्कार है 38।
इस मंत्र से क्या होगा?
दाम्पत्य सुख, प्रेम-लक्षणा भक्ति और गोलोक धाम की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दाम्पत्य सुख, प्रेम-लक्षणा भक्ति और गोलोक धाम की प्राप्ति 38।
जप काल
नित्य पूजा के समय युगल-स्वरूप के सम्मुख।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जगद्व्यापिने नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिम मुखे। गरुडाय सकल विष हरणाय स्वाहा॥
ॐ पुष्ट्यै नमः
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये साक्षान्मृत्युः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः