शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ श्रीधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपद्म, चक्र, गदा, शंख
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हसौः जगत्प्रसूत्यै नमः।
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ महाविष्णवे नमः
ॐ सुराध्यक्षाय नमः
ॐ तुलसीदामभूषणाय नमः