शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ श्यामकन्धराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपश्यामसुंदर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सांवले (सुंदर) कंधों वाले भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सौम्यता और शारीरिक सुडौलता
विस्तृत लाभ
सौम्यता और शारीरिक सुडौलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परस्मै नमः
ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमः
ॐ वासुदेवाय वन्द्याय नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ स्वधायै नमः
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥