शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ वाचं वाणी सदा पातु।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकाररक्षा कवच मंत्र;
स्वरूपवाणी (सरस्वती स्वरूपा)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सरस्वती मेरी वाणी की रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंग: वाणी (Speech) की रक्षा
विस्तृत लाभ
अंग: वाणी (Speech) की रक्षा।
टिप्पणी
इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सीता राम हनुमंत राम सीता हनुमंत (Sita Rama Hanumantha Rama Sita Hanumantha)
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
ॐ शिवय नमः
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु नः शोणः सृष्टिदक्षो विनायकः ॥
ॐ बालदोलाशयशयाय नमः
ॐ शिवानुजायै नमः