शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
वल्लभ गणेश मंत्र
वल्लभं गजाननं एकदन्तं ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपारंपरिक तांत्रिक मंत्र
स्वरूपवल्लभ गणपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे वल्लभ (प्रिय), गजानन, एकदन्त।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संबंधों में मधुरता, शुक्र ग्रह की शांति और कार्यालयीन राजनीति (Office politics) से रक्षा
विस्तृत लाभ
संबंधों में मधुरता, शुक्र ग्रह की शांति और कार्यालयीन राजनीति (Office politics) से रक्षा 30।
जप काल
कार्यस्थल की समस्याओं के समाधान हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववर्णमय्यै नमः
ॐ पञ्चाननाय नमः
ॐ नवदुर्गायै नमः ॐ महाकाल्यै नमः ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः।
नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये॥
ॐ उद्भूतायै नमः
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।