ऋण-विमोचन नरसिंह मंत्र
ॐ वेदवेदान्तयज्ञेशं ब्रह्मरुद्रादिवन्दितम्। श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो वेद, वेदांत और यज्ञों के स्वामी हैं, जिनकी ब्रह्मा-रुद्र आदि वंदना करते हैं, उन महावीर श्री नरसिंह को मैं ऋण-मुक्ति हेतु नमस्कार करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर दरिद्रता, पूर्व जन्म के कर्म-ऋण, पितृ-ऋण और सांसारिक कर्जों से अचूक मुक्ति
विस्तृत लाभ
घोर दरिद्रता, पूर्व जन्म के कर्म-ऋण, पितृ-ऋण और सांसारिक कर्जों से अचूक मुक्ति।
जप काल
प्रदोष काल में या नित्य गोधूलि वेला में ऋणमोचन स्तोत्र का पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ शम्भवे नमः
ॐ सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदाऽवतु। (अर्थ: सदाम्बिका देवी वायव्य कोण में रक्षा करें) 8
ॐ दिव्याङ्गाय नमः।
ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः
ॐ मत्ताय नमः