इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।
यम का अशुभ काल — यात्रा और शुभ कार्य वर्जित।
मांदी/गुलिक का काल — सावधानी बरतें।
राहु काल प्रतिदिन लगभग 1.5 घंटे का अशुभ समय होता है जो राहु ग्रह के प्रभाव में रहता है। यह समय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच की अवधि को 8 बराबर भागों में बाँटकर निकाला जाता है। प्रत्येक सप्ताह के दिन का राहु काल अलग होता है। फलटण के अक्षांश-देशांतर के अनुसार यहाँ का राहु काल अन्य शहरों से भिन्न हो सकता है। इस समय नया कार्य, यात्रा, व्यापार या कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए।